India News (इंडिया न्यूज), Waqf Amendment Bill JPC Report: वर्तमान बजट सत्र के अंतिम कार्यदिवस (13 फरवरी 2025) को वक्फ संशोधन विधेयक 2024 पर संयुक्त संसदीय समिति (JPC) की रिपोर्ट दोनों सदनों में प्रस्तुत की जाएगी। इस पर पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि यदि किसी विधेयक में क्षेत्र, समूह, वर्ग, धर्म या भाषा के खिलाफ कोई प्रावधान होता है, तो वह हमारे देश की संस्कृति और संविधान के खिलाफ होगा।
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पप्पू यादव ने संविधान को लेकर बोला
संविधान के आधार पर कोई कार्य नहीं किया जाता है, तो विरोध होगा। पप्पू यादव ने आगे कहा कि यदि विधेयक संविधान के अनुरूप है और देशहित में है, तो उसका समर्थन किया जाएगा। हालांकि, उनका मानना है कि यह विधेयक जल्दबाजी में प्रस्तुत किया गया है और इस पर व्यापक चर्चा की आवश्यकता है।
ज्ञात हो कि 30 जनवरी 2025 को JPC की 655 पृष्ठों वाली रिपोर्ट लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को सौंपी गई थी। इस रिपोर्ट में बीजेपी सांसदों द्वारा सुझाए गए सुझाव भी शामिल हैं। हालांकि, विपक्षी सांसदों ने इसे असंवैधानिक करार दिया है और इसे वक्फ बोर्ड को कमजोर करने वाला कदम बताया है।
वक्फ संशोधन विधेयक 2024 का उद्देश्य वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में आधुनिकता, पारदर्शिता और जवाबदेही लाना है।
सभी संशोधनों को किया स्वीकार
समिति ने बीजेपी सदस्यों द्वारा प्रस्तावित सभी संशोधनों को स्वीकार किया है, जबकि विपक्षी सदस्यों के संशोधनों को खारिज किया गया है।इस विधेयक पर संसद में चर्चा और बहस के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा, जो देश की संस्कृति, संविधान और समाज के हित में होगा।