India News Delhi(इंडिया न्यूज़),Devkinandan Thakur: सनातन न्यास फाउंडेशन के तत्वावधान में आयोजित सनातन धर्म संसद शनिवार को शुरू हुई। पिछले दिनों फाउंडेशन के अध्यक्ष कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर ने सभी सनातनियों से एकजुट होने का आह्वान किया था। देवकीनंदन ठाकुर सनातन बोर्ड के गठन की मांग कर रहे हैं। सनातन धर्म संसद में बड़ी संख्या में संत, महंत, धर्मगुरु और कथावाचक हिस्सा ले रहे हैं। धर्म संसद को जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती महाराज ने भी संबोधित किया। इससे पहले देवकीनंदन ठाकुर ने धर्म संसद को संबोधित किया। जिसमें उन्होंने बताया कि सनातन बोर्ड की जरूरत क्यों है।
धर्म संसद को संबोधित करते हुए देवकीनंदन ठाकुर ने कहा, ‘हमने बहुत सहन कर लिया, अब और नहीं सहेंगे, हिंदुओं को उनका अधिकार मिलेगा। अब हम न बंटेंगे, न बंटेंगे। हर कोई मुझसे पूछ रहा है कि सनातन बोर्ड की क्या जरूरत है? यह बात सामने आई है कि तिरुपति बालाजी मंदिर के प्रसाद में जानवरों की चर्बी मिलाई जाती है। मैं सनातनियों से पूछना चाहता हूं कि क्या वे जानवरों की चर्बी मिला प्रसाद खाना चाहते हैं? इससे बचने के लिए क्या सनातनी बोर्ड की जरूरत है?
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अधिकारियों को धर्म का सही ज्ञान नहीं
देवकीनंदन ठाकुर देवकीनंदन ठाकुर ने कहा कि एक सरकारी अधिकारी हमारे मंदिर का प्रबंधन कैसे देख सकता है? जिसे हमारे धर्म का ‘क ख ग’ नहीं मालूम है। सनातन बोर्ड बनेगा तो हमारी गुरुकुल परंपरा जागृत होगी। बोर्ड के माध्यम से गौशालाओं का निर्माण कराया जाएगा। इस अवसर पर अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रवींद्र पुरी महाराज, श्री राम जन्मभूमि ट्रस्ट के महामंडलेश्वर नवल किशोर महाराज, चक्रपाणि महाराज, अयोध्या के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी महाराज, अहिंसा विश्व भारती और विश्व शांति केंद्र के संस्थापक जैन आचार्य श्रीलोकेश मुनि, इंद्रेश उपाध्याय और अन्य संत उपस्थित थे।
ऐसे रोकेंगे धर्म परिवर्तन
देवकीनंदन ठाकुर ने मंच से कहा, “जो लोग धर्मांतरण कर रहे हैं, हमें उन्हें सनातन बोर्ड के माध्यम से आर्थिक मदद देकर धर्मांतरण रोकना होगा। अगर हममें ज़मीर है, तो हमें कन्हैया को जामा मस्जिद की सीढ़ियों से उतारकर मथुरा में ठाकुर जी का भव्य मंदिर बनाना होगा। हिंदू लड़कियों की शादी हिंदू परिवारों में ही होनी चाहिए, जो कंपनियां हलाल सर्टिफिकेट वाले उत्पाद बेच रही हैं, उनका भी बहिष्कार किया जाना चाहिए। ‘अभी नहीं, तो कभी नहीं’। पहली धर्म संसद देवकीनंदन ठाकुर के नेतृत्व में 25 फरवरी 2024 को दिल्ली में और दूसरी धर्म संसद 23 जून 2024 को ऋषिकेश में आयोजित की गई थी।