India News (इंडिया न्यूज), Operation Sindhur: भारत ने 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले का बेहद सटीक और तेज जवाब दिया है। भारतीय सेना ने 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर चलाया, जिसमें खुफिया सूचना के आधार पर सीमा पार कई आतंकी ठिकानों पर कार्रवाई की गई। इस ऑपरेशन में 100 से ज्यादा आतंकियों के मारे जाने की खबर है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस सर्जिकल ऑपरेशन ने पाकिस्तान को पूरी तरह हिलाकर रख दिया है। इस कार्रवाई का एक दिलचस्प पहलू यह भी सामने आया है कि इसे रामायण काल से जोड़ा जा रहा है। दरअसल, इस ऑपरेशन को अंजाम देने की रणनीति की तुलना त्रेता युग में भगवान राम के दूत हनुमान द्वारा लंका में किए गए गुप्त ऑपरेशन से की जा रही है।

भगवान हनुमान की तरह पहचाने गए थे लक्ष्य

रामायण और रामचरितमानस के अनुसार, जब सीता माता का अपहरण हुआ था, तब हनुमान ने रावण की लंका में प्रवेश किया और रणनीतिक स्थानों की पहचान की। कहा जाता है कि लंका की सुरक्षा व्यवस्था इतनी सख्त थी कि मच्छर भी बिना अनुमति के अंदर नहीं जा सकता था। फिर भी हनुमान जी ने न केवल उस सुरक्षा व्यवस्था को तोड़ा, बल्कि बिना किसी आम नागरिक को नुकसान पहुंचाए केवल उन्हीं इमारतों को जलाया जो अन्याय के पक्ष में थीं। भारतीय सेना द्वारा चलाए गए “ऑपरेशन सिंदूर” की कार्यशैली भी इसी सिद्धांत पर आधारित बताई जा रही है। खुफिया एजेंसियों ने पहले ही उन आतंकी ठिकानों की पहचान कर ली थी जो सीधे तौर पर आतंकी गतिविधियों में शामिल थे। इसके बाद चुनिंदा ठिकानों पर सटीक हमले किए गए, जिससे आतंकियों को भारी नुकसान हुआ।

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भगवान हनुमान से लिया सेना ने आईडिया

रामचरितमानस में उल्लेख है कि हनुमान ने “मारुत उनचास” यानी उच्च गुणवत्ता वाली संचार तरंगों के जरिए भगवान राम से संपर्क किया था। इस घटना को अगर रूपक के तौर पर देखा जाए, तो इसे अत्याधुनिक सैटेलाइट संचार प्रणाली का प्रतीक समझा जा सकता है। आज भारतीय सेना भी सैटेलाइट इमेजिंग, रडार और ड्रोन जैसी अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर रही है, ठीक वैसे ही जैसे प्राचीन काल में हनुमान जी ने अपनी बुद्धि और शक्ति से किया था।

25 मिनट तक चला ऑपरेशन

विशेषज्ञों के अनुसार, भारतीय सेना ने यह पूरा ऑपरेशन मात्र 25 मिनट में पूरा कर लिया। यह समय भले ही कम लगे, लेकिन इसकी तैयारी और रणनीति महीनों पहले ही शुरू हो गई थी। इस ऑपरेशन की सफलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पाकिस्तान ने अभी तक इस पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है, लेकिन सीमा पार से आ रहे खुफिया संकेतों से साफ है कि उन्हें भारी नुकसान हुआ है।

केवल आतंकवादियों को उड़ाया गया

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने हाल ही में एक बैठक में कहा कि भारतीय सेना ने “हनुमान सिद्धांतों” के आधार पर इस ऑपरेशन को अंजाम दिया – यानी केवल दोषियों को निशाना बनाया और निर्दोषों को नुकसान नहीं पहुंचाया। यह न केवल सैन्य रणनीति की परिपक्वता को दर्शाता है बल्कि भारतीय संस्कृति और इतिहास की गहरी समझ को भी उजागर करता है। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने न केवल पाकिस्तान के आतंकी नेटवर्क को करारा झटका दिया है, बल्कि यह संदेश भी दिया है कि भारत न केवल जवाब देने में सक्षम है, बल्कि अपने इतिहास और सांस्कृतिक विरासत से प्रेरणा लेकर आधुनिक युद्ध में भी पराक्रम दिखा सकता है। यह ऑपरेशन सैन्य सफलता से कहीं अधिक एक सांस्कृतिक और मनोवैज्ञानिक संदेश भी है- कि जब अन्याय बढ़ता है, तो हनुमान जैसे योद्धा फिर से जाग उठते हैं।

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